भारतीय संस्कृति के आदर्श वेद में आदेश है कि मनुर्भवः जनय दैव्यं जनम अर्थात हे मनुष्यों तुम मनुष्य बनकर देवताओं को जन्म दो, इसके अलावा अन्य प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वर्णित है कि हमारे महापुरुषों ने तपस्या करके वरदान के रूप में देवताओं को अपने पुत्र के रूप में पाया.

जैसा कि हमने पाया कि यहाँ तपस्या का अर्थ सही दिशा में किया गया प्रयास है जो कि सफल हुआ, उन प्राचीन विधियों के द्वारा आप भी उन्नत संतानों को प्राप्त कर सकते हैं.

Project Details
  • Date 14 February 2019
  • Client So many persons
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